Operating System In Hindi || जाने ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है हिंदी में

Operating System In Hindi


Operating System In Hindi –  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Operating System के बारे में हैं

तो यदि आप जानना चाहते हैं की Operating System In Hindi   के बारे में तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं


Operating System In Hindi

Operating System एक interface है यूजर (User) और कंप्यूटर हार्डवेयर (Computer Hardware) के बिच | Operating System को  सिस्टम  सॉटवेर System Software भी कहा जाता हैं ,इसे O.S के नाम से भी जाना जाता हैं | Operating System एक ऐसा कम्प्युटर प्रोग्राम (Program) होता है, जो अन्य कम्प्युटर प्रोग्रामों  संचालित (Operate) करता है |Image result for operating system

Operating System एक सॉफ्टवेयर है जो फ़ाइल प्रबंधन, मेमोरी प्रबंधन, प्रक्रिया प्रबंधन, इनपुट और आउटपुट (file management, Memory Allocation , Process Management ,input and Output ) को संभालने और पेरिफेरल डिवाइस (Peripheral Devices ) जैसे कि Pen  Drive और Printer  को Control  करने जैसे सभी operation पर Work  करता है।

कुछ लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम में Linux Operating System, Windows Operating System, UNIX , OS/400, Android , Mac , z/OS आदि शामिल हैं।

Importance Or Working Of Operating System In Hindi

Operating System संपूर्ण कम्प्युटर को Control and operate  करता है. ऑपरेटिंग System के द्वारा कम्प्पुटर को Resource Allotment किया जाता है. Operating System user को कम्प्युटर पर आसानी से कार्य करने कि GUI (Graphical User Interface  ) प्रदान करता है. Operating System और कम्प्युटर के संबंधो को एक आरेख चित्र (Flow Chart) के माध्यम से समझा जा सकता है.

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Structure Of An Operating System


Working Of Operating System In Hindi

Operating System के कुछ प्रमुख कार्य नीचे है:-

  1. ये  GUI (Graphical User Interface  ) प्रदान कर user को Hardware से interact  करता हैं |
  2. Operating System उपयोगकर्ता से Hardware की भारी भरकम background मे  हो रही processing को उपयोगकर्ता से छिपा लेता है , जिसे Abstraction कहते है , इसलिए उपयोगकर्ता का ढेर सारी सूचनाओं से सामना नही होता है |
  3. ये  कम्प्पुटर को Resource Allocate करता हैं |
  4. एक ऑपरेटिंग सिस्टम का उद्देश्य हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को व्यवस्थित और नियंत्रित करना है |
  5. OS का कार्य अन्य प्रोग्राम्स तथा ऍप्लिकेशन्स को run कराना होता है तथा यह कंप्यूटर के हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर के मध्य bridge की तरह कार्य करता है।

Types of Operating Systems In Hindi

1. Depending Upon The User

उपयोगकर्ता के आधार पर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Operating Systems) को दो भागों में बॉंटा गया है –
  1. सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Single User Operating System) :- Single User Operating System Computer  पर एक बार में एक ही User  को कार्य करने की अनुमति देता है यानी यहां पर एक साथ एक से अधिक यूजर अकाउंट User Account नहीं बनाए जा सकते हैं केवल एक ही व्यक्ति काम कर सकता है उदाहरण के लिए एमएस डॉस, विंडोज 95, 98
    .
  2. मल्‍टीयूजर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Multi User Operating System) – ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम जिसमें आप एक से अधिक यूजर अकाउंट बना सकते हैं और उन पर काम कर सकते हैं मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाते हैं इसमें प्रत्येक यूजर को कंप्यूटर से जुड़ा एक टर्मिनल (Terminal ) दे दिया जाता है उदाहरण के लिए लाइनेक्स यूनिक, विंडोज के आधुनिक वर्शन

2. Depending Upon The Work Mode 

काम करने के मोड के आधार पर भी इसे दो भागों में विभाजित किया गया है –
  1. कैरेक्टर यूजर इंटरफेस या (command line or Character User Interface) :- कैरेक्टर यूजर इंटरफेस को कमांड लाइन इंटरफ़ेस (command line) के रूप में भी जाना जाता है इस प्रकार के Operating System में Typing  के द्वारा कार्य किया जाता है इसमें विशेष प्रकार की Command  दी जाती है कंप्यूटर को ऑपरेट करने के लिए और केवल टेक्स्ट (Text) का उपयोग किया जाता है इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का एक अच्छा उदाहरण है एम एस डॉस |                                                                                                                                                       .
  2. ग्राफिकल यूज़र इंटरफेस (Graphical user interface) :- जैसा कि इसके नाम में ही प्रदर्शित होता है यह Operating System graphics  पर आधारित होता है यानी आप Mouse और Keyboard के माध्यम से कंप्यूटर को Input  दे सकते हैं और वहां पर जो आपको इंटरफ़ेस दिया जाता है वह Graphical  होता है या यहां पर सभी प्रकार के Button  होते हैं menu  होते हैं जो पूरी तरीके से यह बहुत आसान Interface  होता है

3. Depending On The Development 

कम्‍प्‍यूटर के विकास के और कंप्‍यूटर की पीढीयों के आधार पर उसमे चलाए जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्‍टम का विकास भी होता रहा है , इस प्रकार ऑपरेटिंग सिस्‍टम निम्‍न प्रकार के हैं –
  1. बैच प्रोसेसिंग सिस्‍टम (Batch Processing System)
  2. टाइम शेयरिंंग या मल्‍टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Time Sharing Or Multi User Operating System)
  3. मल्‍टी टॉस्किंंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Multi Tasking Operating System)
  4. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Real Time Operating System)
  5. मल्‍टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Multi Processing Operating System)
  6. एम्‍बेडेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Embedded Operating System)
  7. डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Distributed Operating System)

 1 )बैच प्रोसेसिंग सिस्‍टम (Batch Processing System) :-

Computer  के शुरूआती दिनों में Computer System में input devices  के रूप में कार्ड-रीडर्स (card readers) तथा टेप ड्राइव्‍स (tape drives) एवम् output devices  के रूप में लाइन प्रिंटर्स (line printers), टेप ड्राइव्‍स (tape drives), तथा पंच कार्ड्स (punch cards) के प्रयोग हुआ करते थे।

उस समय यूजर कम्‍प्‍यूटर से सीधे-सीधे (directly) interact  न कर, एक जॉब (job) तैयार किया करते थे, जो program , data और Control Program  का बना हुआ होता था। यूजर अपने जॉब को तैयार कर Computer operator को सौंप देते थे।

जॉब्‍स, पंच कार्ड्स पर तैयार किए जाते थे। Computer operator सबी jobs को एक साथ Load कर उन्‍हें Process करता था। कुछ मिनटों, घंटों या दिनों के पश्‍चात् Jobs Process होकर आOutput देते थे।

Output में Programs के Result के साथ-साथ Memory की अंतिम स्थिति की डम्‍प (dump) तथा रजिस्‍टर के कनटेन्‍ट्स (register contents) भी होते थे, जो प्रोग्राम की डिबगिंग (debugging) में सहायक होते थे।


2 )टाइम शेयरिंंग या मल्‍टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Time Sharing Or Multi User Operating System):-

Time Sharing Or Multi User Operating System का ही एक रूप (form) हैं, जो Interactive Mode  में क्विक रेसपॉन्‍स (Quick Response Time) के साथ कार्य करता है।Time Sharing Or Multi User Operating System  प्रत्‍येक यूजर के लिए एक क्रम में (in a sequence) CPU समय की एक समान मात्रा Allocate करता है। ऑपरेटिंग सिस्‍टम द्वारा प्रत्‍येक User को CPU द्वारा दिया जाने वाला समय (allocated time) टाइम-स्‍लाइस (time-slice) कहलाता है। यह टाइम-स्‍लाइस, 5 से 100 millisecond  तक होता है। याद रखें, 1 millisecond एक second का 1000वां भाग होता है, अर्थात्, 1 millisecond = 1/1000=1/103 second। ज्‍योंही एक टाइम स्‍लाइस की अवधि समाप्‍त होती है, operating system  द्वारा CPU अगले यूजर को Allocate कर दिया जाता है।


3 )मल्‍टी टॉस्किंंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Multi Tasking Operating System):-

Program के रनिंग स्‍टेट (running state) को प्रोसेस या टास्‍क (process or task) कहा जाता है। Multitasking Operating System  को Multiprocessing  Operating System भी कहा जाता है, जो दो या दो से अधिक सक्रिय प्रोसेस (active process) को एक साथ समर्थन करता है। Multitasking Operating System दो या दो से अधिक Process, जो एक साथ एक्‍जक्‍यूशन स्‍टेट (execution state) में हों, को Primary State में एक साथ रख कर Process कर सकता हैं।


4 )रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Real Time Operating System):-

Real time Operating System  का प्रयोग Real time Application  के लिए किया जाता है यानी ऐसे Application के लिए जहां Data की Processing एक निश्चित और बहुत छोटे समय में पूरी हो जानी चाहिए।

ये सामान्य कार्य करने वाले Computer से अलग होता है जहां समय के विचार को उतना महत्त्व नहीं दिया जाता जितना कि समय Real time System में जरूरी होता है। RTOS एक टाइम शेयरिंग सिस्टम है जो Clock Interrupt पर आधारित है।

Interrupt Service Routine , Interrupt की सुविधा देता है जिसे System द्वारा लाया जाता है। RTOS किसी प्रोसेस को Execute करने के लिए Priority का प्रयोग करता है। जब कोई High Priority Process System  में आता है तो सारे Low Priority Process को हटा दिया जाता है ताकि उस High Priority Process  पर काम किया जा सके।


5 )मल्‍टी प्रोसेसर ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Multi Processing Operating System) :-

मल्टी प्रोसेसिंग आपरेटिंग सिस्टम में एक से अधिक प्रोसेसर होते है जो एक ही समय में रन हो रहे प्रोग्रामों को प्रोसेस करते है । मैनफ्रेम और सुपर कम्प्यूटर मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम के उदाहरण है । मल्टी प्रोसेसिंग में भी मल्टी प्रोग्रामिंग व मल्टी टास्किंग से सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है । किन्तु इसमें प्रोसेसिंग यूनिट एक से अधिक होते है जो एक ही समय में रन हो रहे सभी प्रोग्रामों को आपस में मिलकर प्रोसेस करते है । एक से अधिक प्रोसेसर द्वारा प्रोसेसिंग की यह प्रकिया parallel processing कहलाता है । इसमें सारे प्रोसेसर एक साथ जुड़े रहते है और कार्य करते है । इसीलिए मल्टी प्रोसेसिंग सिस्टम में प्रोसेसिंग का कार्य सबसे तीव्र गति से होता है ।


6 )एम्‍बेडेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Embedded Operating System):-

Embedded System  ऐसे Operating System  हैं जो कि किसी Electronics  या अन्‍य प्रकार की Hardware Devices  मे ही Present रहते हैं ये ROM मे ही Present रहते हैं इनका उपयोग घरेलू उपयोग वाले उपकरण जैसे माइक्रोवेव ओवन, वाशिंग मशीन, कार मेनेजमेंट सिस्‍टम, ट्राफिक कंट्रोल सिस्‍टम इत्‍यादि मे किया जाता है ।


7 )डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम (Distributed Operating System):-

Distributed Operating System में यूजर ठीक उसी प्रकार रिमोट रिसोर्सेस (Remote Resources ) का उपयोग करते हैं जिस प्रकार लोकल रिसोर्सेस (local resources) का। एक साइट (site) से दूसरे साइट (site) पर डेटा ओर प्रोसेसेस के माइग्रेशन (migration) को Distributed Operating System  ही नियंत्रित करता हैं न कि यूजर।


Final Word

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Operating System In Hindi और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं

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