Functional Dependency In Hindi-जाने FD और उसके प्रकार हिन्दी में

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Functional Dependency In Hindi –  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो DBMS के बारे में हैं,तो यदि आप जानना चाहते हैं की Functional Dependency In Hindi  के बारे में तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं।

Functional Dependency In Hindi

Functional Dependency In Hindi
Functional Dependency In Hindi
  1. जाने DBMS Architecture और Level हिंदी में

Functional Dependency In Hindi

  • किसी relational database टेबल में यदि कोई attribute दूसरे attribute पर depend हैं तो उसे Functional Dependency कहा जाता हैं।
  • Functional Dependency एक टेबल में दो attributes के मध्य constraints के समूह को कहते हैं
  • किसी एक column की वैल्यू से दूसरे Colum की  value को determine कर सकते हैं, Functional Dependency कहलाता हैं।
  • यदि कोई Colum primary key हैं तो वहां  Functional Dependency होता ही हैं।

Types Of Functional Dependency In Hindi

Functional Dependency दो प्रकार के होते हैं:-

  1. Trivial Functional Dependency
  2. Non-Trivial Functional Dependency

1. Trivial Functional Dependency In Hindi 

यदि B dependent हैं A को और B Subset हैं A का तो इसे Trivial Functional Dependency कहते हैं

Ex. A = 10, 20, 30, 40, 50

B = 20, 30, 50

यहाँ A में जो value हैं वो b में भी हैं तो हम कह सकते हैं की b subset हैं A का = A ≥ B

  • Trivial Functional Dependency में हम जो attribute देते हैं ( A->A ) तो हमे attribute  A ही मिलेगा।
  • इस Trivial Functional Dependency में दो attribute  X और y हैं तो जो value X में होगा वो value y में भी होगा।
  • अर्थात जो वैल्यू left side में होगा वो right side में भी होगा।

2. Non-Trivial Functional Dependency

Non trivial Functional Dependency में दोनों side की attribute में कुछ भी common नहीं होगा।

              X Λ Y = Ø

Ex.             A -> BC         AB -> CD

A -> B

  • Non Trivial Functional Dependency में right side और left side की attribute हमेशा अलग होगी।
  • AB -> CD  भी हो सकता हैं क्युकी दोनों side एक से अधिक attribute हो सकते हैं।

Multi valued Dependency

जब किसी एक Colum की एक से ज्यादा वैल्यू होती हैं तो उसे Multi valued Dependency कहते हैं 

Conclusion Functional Dependency In Hindi

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Functional Dependency In Hindi और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भाषा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने इस पोस्ट मे Functional Dependency और उसके Types को cover किया हैं ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं।

3 thoughts on “Functional Dependency In Hindi-जाने FD और उसके प्रकार हिन्दी में”

  1. Kya hardware ka nots mil jayega kya मै bahut paresan hu milta nahi hai enka nots kis website se nikala jaye bahut dikkat hota h va acha se milta nahi h
    👉Bsc final year ka hardware

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