Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi

functional area of small scale industry

Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi


Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi  – हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Entrepreneurship  के  Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi  के बारे में हैं तो यदि आप जानना चाहते हैं की ये  क्या हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं |


Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi

Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi

लघु उघोगों का सफलतापूर्वक संचालन कछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही किया जा सकता है ।

ये विशिष्ट क्षेत्र निम्नलिखित हैं –

( i ) जिन उद्योगों में विशिष्टीकरण सम्भव नहीं होता (Specialization is not possible) तथा बड़े पैमाने के उत्पादन की बचतें प्राप्त नहीं होती या बहत कम प्राप्त होती हैं उनमें छोटे आकार की इकाइयाँ ही अधिक सफल रहती हैं । यही कारण है कि कृषि उद्योग की अधिकाँश इकाइयाँ छोटे आकार में ही पाई जाती हैं ।

( ii ) जिन उद्योगों में विशेष योग्यता , कार्यकुशलता तथा व्यक्तिगत पर्यवेक्षण की आवश्यकता होती है उनमें छोटे आकार की इकाइयाँ ही सफलतापूर्वक कार्य कर सकती हैं । भवन तथा पुल निर्माण का कार्य इसी श्रेणी में आता है ।

( iii ) जिन वस्तुओं का बाजार सीमित (Limited) होता है उनके लिये भी लघु आकार (Small Scale) की इकाइयाँ पसन्द की जाती हैं । जैसे :- मिट्टी के बर्तन निर्माण का उद्योग इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है ।

( iv ) अस्थिर माँग वाली वस्तुओं से सम्बन्धित व्यावसायिक फर्मो को भी छोटे पैमाने पर स्थापित किया जाना उपयुक्त होता है । जैसे बर्फ की माँग मौसम के साथ घटती बढ़ती रहती है । अतः इसके उत्पादन एवं वितरण के लिये लघु आकार की इकाइयाँ ही उपयुक्त रहती हैं ।

( v ) जिन वस्तुओं की माँग स्थानीय होती है उनके लिये भी छोटे आकार की इकाइयाँ ही स्थापित होती हैं । जैसे – किसी विशेष प्रकार की मिठाई अथवा चाट के उत्पादन से संबंधित इकाईयाँ ।

( vi ) जहाँ Production of goods (माल का उत्पादन) अथवा सेवाओं का अर्पण प्रत्येक ग्राहक की आवश्यकता एवं रूचि के अनुसार किया जाता है वहाँ छोटे पैमाने का व्यवसाय ही सफलता प्राप्त करता है जैसे टेलरिंग का व्यवसाय ।

( vii ) जिन वस्तुओं का फैशन अथवा चलन समय – समय पर बदलता रहता है उनके लिये भी लघु आकार की इकाइयाँ उपयुक्त होती हैं जैसे हेयर कटिंग सैलून अथवा रेडीमेड गारमैण्टस ।


Final Word

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Functional Areas Of A Small Business Firm In Hindi  और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हूँ की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं |

download reels video online

 

7 Trackbacks / Pingbacks

  1. Rules For The Welfare And Safety Of Employees By The Government In Hindi - CSEstudies
  2. Factories Act Relating To Small Scale Industries In Hindi - CSEstudies
  3. जाने क्या हैं Labor Laws Related To Small Scale Industries In Hindi
  4. जाने क्या है Project Selection हिंदी में In Hindi
  5. जाने क्या है Activities For Project Selectionहिंदी में In Hindi
  6. जाने क्या है Content Of Project Report हिंदी में In Hindi
  7. जाने क्या है Solution  For The Problems Of Small Scale Industries In Hindi 

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*