What Is Internet In Hindi – जाने क्या हैं Internet हिंदी में

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Internet In Hindi –  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Computer Network के Internet In Hindi के बारे में हैं।

तो यदि आप जानना चाहते हैं की Internet In Hindi  के बारे में तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं।

What Is Internet In Hindi

What Is Internet In Hindi
What Is Internet In Hindi

1.What is Internet ? ( इंटरनेट क्या है ? )

इंटरनेट इंटरनेशनल नेटवर्किंग ( International Networking ) का संक्षिप्ताक्षर (Abbreviations) है ।

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  • यह दुनिया भर में फैले हुए अनेक छोटे – बड़े कम्प्यूटर नेटवर्कों के विभित्र संचार माध्यमों द्वारा आपस में जुड़ने से बना विशाल व विश्व व्यापी जाल ( global network ) है जो समान नियमों ( protocols ) का अनुपालन कर एक – दूसरे से संपर्क स्थापित करते हैं तथा सूचनाओं का आदान – प्रदान संभव बनाते हैं । इंटरनेट नेटवर्कों का नेटवर्क है ।
  • यह संसार का सबसे बड़ा नेटवर्क है जो दुनियाभर में फैले Personal, public, educational, business and  government networks (व्यक्तिगत , सार्वजनिक , शैक्षिक , व्यापारिक तथा सरकारी नेटवर्कों) के आपस मेंजुड़ने से बनता है इंटरनेट को हम आधुनिक युग के संदेशवाहक की संज्ञा दे सकते हैं ।
  • इस तकनीक का प्रयोग कर हम किसी सूचना , जिसमें डाटा ( data ) , टेक्स्ट ( text ) , ग्राफ ( graph ) ,  चित्र ( image ) , ध्वनि ( audio ) तथा चलचित्र ( video ) शामिल है , को पलक झपकते ही दुनिया के एक कोने से दूसरे कोने में भेज सकते हैं तथा इंटरनेट से जुड़े कम्प्यूटरों में रखी गयी विशाल सूचनाओं में से वांछित सूचना प्राप्त भी कर सकते हैं । इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण ही आधुनिक युग को ‘ संचार क्रांति का युग ‘ भी कहा जाता है ।

2.Development of Internet In Hindi ( इंटरनेट का विकास )

  • प्रो . जे . सी . लिक्लाइडर ( J . C . Licklider ) ने सर्वप्रथम इंटरनेट की स्थापना का विचार 1962 में दिया था ।
    इसी कारण , इन्हें ” इंटरनेट का जनक ‘ भी माना जाता है । इंटरनेट का प्रारंभ 1969 ई . में अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा अपनिट ( ARPANET – Advanced Research Project Agency Net ) के विकास से किया गया ।
  • Arpanet  को दुनिया का पहला नेटवर्क कहा जाता है । आपनिट का प्रयोग रक्षा विभाग में अनुसंधान व विकास के कार्य में किया गया ।
  • 1989 में इंटरनेट को आम जनता के लिए खोल दिया गया । 1989 में टिम बर्नर्स ली ने हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज ( HTML ) का विकास किया ।
  • वर्ल्ड वाइड वेब ( www . world wide web ) का प्रस्ताव टिम बर्नर्स ली ( Tim BernersLee ) द्वारा – 1989 ई . में दिया गया था । इसी कारण , इंग्लैंड के वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली को वर्ल्ड वाइड वेब का जनक माना जाता है ।

3.What Is www In Hindi (जाने क्या हैं www हिंदी में)

  • वर्ल्ड वाइड वेब ( www ) पर हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकाल ( http ) तथा टीसीपी / आईपी ( TCP / IP ) के द्विस्तरीय नियमों का परिपालन किया जाता है । वर्ल्ड वाइड वेब ( www ) का पहला आम प्रयोग 6 अगस्त 1991 को किया गया ।
  • Mosaic वर्ल्ड वाइड वेब पर प्रयुक्त पहला ग्राफिकल देव ब्राउसर ( Graphical web Browser ) या जिसका विकास मार्क एण्डरसन ( Marc Andreessen ) ने 1993 में किया था ।
  • 1993 ई . में सर्न CERN – European Organization for Nuclear Research ) ने वर्ल्ड वाइड वेब को निःशुल्क उपयोग के लिए उपलब्ध कराया ।
  • 1994 ई . में वर्ल्ड वाइड वेब के लिए विभित्र मानकों तथा प्रोटोकाल का विकास करने के लिए वर्ल्ड वाइड वेब संघ ( World wide web consortium – W3C ) की स्थापना की गई ।
  • 15 अगस्त 1995 ई . को विदेश संचार निगम लिमिटेड ( VSNL ) द्वारा भारत में इंटरनेट सेवा का प्रारंभ किया गया । क्या आप जानते हैं ?

Father Of Internet

प्रोफेसर जे . सी . लिक्लाइडर को इंटरनेट का जनक ( Father of Internet ) माना जाता है जिन्होंने ARPANET के गठन में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था । आपनेट से ही वर्तमान इंटरनेट व्यवस्था का जन्म माना जाता है । इंग्लैंड के वैज्ञानिक टिम बर्नर्स ली को वर्ल्ड वाइड वेब का जनक ( Father of World Wide Web ) का जनक माना जाता है । इन्होंने 1989 में हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज HIML ) का भी विकास किया ।

Father Of Internet
Father Of Internet

4.How Internet Works ? (इंटरनेट कैसे कार्य करता है ?  )

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How Internet Works
  • दुनियाभर के अनेक छोटे बड़े कम्प्यूटर नेटवर्क को विभिन्न संचार माध्यमों से आपस में जुड़ने से इंटरनेट का निर्माण होता है |
  • इंटरनेट Client – Server Model पर काम करता है । इंटरनेट से जुड़ा प्रत्येक कंप्यूटर एक सर्वर से जुड़ा होता है तथा संसार के सभी सर्वर विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा आपस में जुड़े होते हैं ।
  • सर्वर अपने से जड़े उपयोगकर्ता ( client ) को मांगी गयी सूचना या डाटा उपलब्ध कराता है । यदि मांगी गयी सूचना उस सर्वर के पास उपलब्ध नहीं है । तो वह उस सर्वर की पहचान करता है जहां यह सूचना उपलब्ध है तथा उस सर्वर से सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध करता है ।
  • इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटरों के बीच डाटा स्थानान्तरण के लिए यह आवश्यक है कि सभी नेटवर्क एक समान नियमों या प्रोटोकाल का उपयाग करे ।

Protocol Model In Hindi

  • ओपन ऑर्किटेक्चर नेटवर्किंग द्वारा टीसीपी / आईपी ( TCP / IP ) के द्विस्तरीय नियमों के परिपालन द्वारा सूचनाओं का आदान – प्रदान सुविधाजनक बनाया गया है ।
  • इसमें सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए पैकेट स्विचिंग ( Packet Switching ) का प्रयोग किया जाता है जिसमें सूचनाओं का बंडल ( Packet ) बनाकर एक स्थान से संचार माध्यम का उपयोग विधि से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है । इस कारण , एक ही का उपयोग विभिन्न उपभोक्ताओं द्वारा किया जा सकता इससे दुनियाभर के कंप्यूटर एक – दूसरे से सीधे जड़े बिनापी सूचनाओं का आदान – प्रदान कर सकते हैं ।
  • किसी कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ने के लिए हमें इंटरनेट सेवा प्रदाता ( Internet Service Provider ) की सेवा लेनी पड़ती है । टेलीफोन लाइन या वायरलेस तकनीक द्वारा कंप्यूटर को इंटरनेट दाता के सर्वर से जोड़ा जाता है । इसके लिए हमें इंटरनेट सेवा प्रदाता को कुछ शुल्क भी देना पड़ता है ।

Conclusion Of TCP/IP Model In Hindi

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की TCP/IP Model In Hindi और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं।

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