जाने Networking Devices और प्रकार हिंदी में – Networking Devices In Hindi

Networking Devices In Hindi

जाने Networking Devices और उसके प्रकार हिंदी में ,HUB ,SWITCH ,BRIDGE ,MODEM, NETWORK GATEWAY ,REPEATER ,ROUTER ,NIC ,BACKBONE NETWORK

Networking Devices In Hindi –  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Computer Network के Networking Devices In Hindi  के बारे में हैं

तो यदि आप जानना चाहते हैं की Networking Devices    के बारे में तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं

What Is Networking  In Hindi

अलग – अलग प्रोटोकाल तथा टोपोलॉजी का उपयोग कर रहे दो या अधिक कम्प्यूटर नेटवर्क
को विभिन्न संचार माध्यमों द्वारा आपस में जोड़ने तथा उनके बीच डाटा व सूचनाओं का आदान
प्रदान संभव बनाने की प्रक्रिया इंटरनेटवर्किंग कहलाता है । इंटरनेटवर्किंग में प्रयुक्त विभिन्न
हार्डवेयर उपकरण इंटरनेटवर्किंग टूल कहलाते हैं । ब्रिज , राउटर , गेटवे आदि इंटरनेटवर्किंग टूल के उदाहरण हैं ।
 

क्या आप जानते हैं ? विभिन्न नेटवर्क टोपोलॉजी के अपने लाभ और हानियां हैं । इसलिए

अपनी आवश्यकतानुसार विभिन्न टोपोलॉजी का मिश्रण प्रयोग में लाया जाता है जिसे हाइब्रिड नेटवर्क ( Hybrid Network ) कहा जाता है ।


Types of Networking Device Hindi – Networking Devices के प्रकार

  1. HUB  
  2. SWITCH
  3. BRIDGE
  4. NETWORK GATEWAY
  5. REPEATER 
  6. ROUTER
  7. ROUTER 
  8. NIC-NETWORK INTERFACE CARD
  9. BACKBONE NETWORK
  10. MODEM

Hub In Hindi

हब ( Hub )  विभिन्न हार्डवेयर उपकरणों को आपस में जोड़ने के लिए हब का प्रयोग किया जाता है । हब द्वारा दो या अधिक नेटवर्को को आपस में जोड़ा जाता है ताकि वे डाटा का आदान – प्रदान कर सकें । हब में कई पोर्ट होते हैं । किसी एक पोर्ट पर आने वाला डाटा हब के प्रत्येक पोर्ट पर उपलब्ध होता है । इस प्रकार , हब डाटा को मार्ग प्रदान करता है । वह हब जो डाटा स्थानान्तरण के लिए केवल मार्ग प्रदान करता है , Passive hub कहलाता है । यदि हब डाटा स्थानान्तरण के दौरान मार्ग प्रदान करने के अतिरिक्त डाटा को मॉनीटर भी करता है तो वह Intelligent hub कहलाता है । जो हब डाटा पैकेट पर अंकित पते की पहचान कर प्रत्येक पैकेट को उचित मार्ग पर प्रेषित करता है , Switching hub कहलाता है ।

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Switch In Hindi

स्विच ( Switch ) : स्विच एक हार्डवेयर उपकरण (Hardware Device) है , जो विभिन्न कम्प्यूटरों को नेटवर्क से जोड़ता है । स्विच किसी भी प्रोटोकॉल का प्रयोग कर रहे डाटा को छांट ( Filter ) कर सही मार्ग पर प्रेषित ( Forward ) करता है । इसके लिए वह नेटवर्क से जुड़े कम्प्यूटर के मैक एड्रेस ( Media Access Control Address ) का प्रयोग करता है ।

 


Bridge In Hindi

ब्रिज ( Bridge ) : यह एक हार्डवेयर उपकरण (Hardware Device) है जो समान प्रोटोकॉल का उपयोग कर रहे दो लैन ( Local Area Net work ) को आपस में जोड़ता है । यह प्रत्येक डाटा पैकेट की जांच कर उन्हें उसी लैन को भेजता है जिसके लिए डाटा बना होता है । इस प्रकार , ब्रिज नेटवर्क में डाटा ट्रैफिक को नियंत्रित करता है ।

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Network Gateway In Hindi

नेटवर्क गेटवे ( Network Gateway ) : यह अलग – अलग प्रोटोकॉल (Protocol) का प्रयोग कर रहे दो नेटवर्क या लैन को आपस में
जोड़ता है । नेटवर्क गेटवे का काम हार्डवेयर या साफ्टवेयर (Hardware Or Software) या दोनों के समन्वय से किया जाता है । इसे प्रोटोकॉल कनर्वटर ( Protocol Converter ) भी कहा जाता है ।

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Repeater In Hindi

रिपीटर ( Repeater ) : नेटवर्क में डाटा संकेतों को लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है जिससे डाटा संकेतों में हास संभव है । लंबी दूरी तक डाटा संकेतों की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा ट्रांसमिशन में हुए हास से निपटने के लिए उन्हें परिवर्धित ( Amplify ) करना पड़ता है । रिपीटर एक हार्डवेयर है जो संचार माध्यम से डाटा संकेत लेकर उन्हें परिवर्धित करता है तथा पुनः संचार माध्यम पर भेजता है । इस प्रकार , रिपीटर नेटवर्क के दो भागों को आपस में जोड़ता है ।

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Router In Hindi

राउटर ( Router ) : इंटरनेट पर डाटा संकेतों को पैकेट बनाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता है । डाटा पैकेट्स को सबसे छोटे तथा सबसे तेज ( Shortest and Fastest ) मार्ग द्वारा निर्धारित पते तक पहुंचाने का काम राउटर करता है । राउटर साफ्टवेयर की मदद से नेटवर्क पर भेजे गए डाटा पैकेट्स पर अंकित पते ( address ) की जांच करता है तथा उसे सही दिशा में प्रेषित करता है । इसके लिए राउटिंग टेबल ( Routing table ) का प्रयोग किया जाता है ।

राउटर नेटवर्क गेटवे पर स्थापित किया जाता है तथा दो या अधिक नेटवर्क से जुड़ा होता है । यह अलग – अलग टोपोलॉजी , प्रोटोकॉल या संचार माध्यमों का प्रयोग करने वाले नेटवर्क के बीच डाटा स्थानान्तरण का कार्य करता है । राउटर हार्डवेयर या साफ्टवेयर या दोनों के मिश्रण से कार्य करता है ।

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NIC – Network Interface Card In Hindi

नेटवर्क इंटरफेस कार्ड ( NIC – Network Interface Card ) नेटवर्क इंटरफेस कार्ड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड से बना हार्डवेयर डिवाइस है जिसे कम्प्यूटर के एक्सपैनशन स्लॉट में लगाया जाता है । इसमें नेटवर्क केबल जोड़ने के लिए जैक बना होता है । यह कम्प्यूटर तथा नेटवर्क के बीच संपर्क स्थापित करता है । अलग – अलग नेटवर्क टोपोलॉजी तथा प्रोटोकाल के लिए नेटवर्क इंटरफेस कार्ड भी अलग – अलग होता है । प्रत्येक नेटवर्क इंटरफेस कार्ड का एक विशेष MAC Address ( MAC Address – Media Access Control Address ) होता है जो कार्ड के निर्माता कंपनी द्वारा दिया जाता है ।नेटवर्क से जुड़ा प्रत्येक नोड अपने मैक एड्रेस से ही पहचाना जाता हैं |

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Backbone Network  In Hindi ( Networking Devices In Hindi  )

वैकबोन नेटवर्क ( Backbone Network ) : बैकबोन कम्प्यूटर नेटवर्क संरचना का मुख्य संचार माध्यम होता है । बैकबोन नेटवर्क विभिन्न कम्प्यूटर नेटवर्क को आपस में जोड़ता है तथा उनके बीच डाटा  स्थानान्तरण के लिए मार्ग उपलब्ध कराता है । विभिन्न लेन ( LAN ) को उस क्षेत्र के बैन ( WAN ) से बैकबोन ही जोड़ता है । यह विशाल क्षमता ( LargeCapacity ) , अधिक बैंडविड्व ( High Band Twidth ) तथा अत्यंत उच्च गति ( Very High Speed ) वाला संचार माध्यम होता है । बैकबोन नेटवर्क का मुख्य बस ( Bus ) होता है जिस डाटा का सुपर हाइवे ( Super Highway ) भी कहा जाता हैं |

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Modem In Hindi

मॉडेम  ( Modem ) यह Modulator – Demodulator का संक्षिप्त रूप है । मॉडेम टेलीफोन  लाइन
के माध्यम से कंप्यूटर को नेटवर्क से जोडता टेलीफोन फोन लाइन पर केवल एनालॉग ( Analog )
संकेत भेजा जा सकता है ,जबकि कम्प्यूटर डिजिटल ( Digital ) डाटा उत्पत्न करता हैं । मॉडेम
कंप्यूटर द्वारा उत्पत्र डिजिटल डाटा को एनालॉग डाटा में बदलता है ,जिसे टेलीफोन लाइन पर भेजा
जाता है । दूसरी तरफ टेलीफोन लाइन पर प्राप्त एनालॉग डाटा को मॉडेम द्वारा डीजिटल डाटा में
बदलकर कम्प्यूटर के उपयोग के लायक बनाया जाता है ।
डिजिटल डाटा को एनालॉग डाटा में बदलना Modulation कहलाता है जबकि एनालॉग डाटा को डिजिटल डाटा में बदलना Demodulation कहलाता है । मॉडेम की गति ( speed ) को बॉड (Baud) में मापा जाता है । नये संचार माध्यमों , जैसे – ISDN , DSL केबल  मॉडेम  या फाइबर ऑप्टिक आदि . जिनमें डिजिटल को सीधे  भेजा जा सकता है , के साथ मांडेम के प्रयोग की आवयश्कता नहीं पड़ती  हैं|

मॉडेम को सिस्टम यूनिट के कम्युनिकेशन पोर्ट ( Communication Port ) से कम्प्यूटर तथा संचार माध्यम के बीच जोड़ा  जाता है । मॉडेम प्रेसक  ( Sender ) तथा प्राप्तकर्ता ( Receiver ) देनों कम्प्यूटरों के साथ जोड़ा जाता है ।

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मॉडेम के प्रकार ( Kind of  Modem ) : ( External Structure ) वायः  संरचना के आधार पर मॉडेम के दो प्रकार के होते हैं :-

  • आंतरिक  मॉडेम ( Internal Modem ) : इसे सिस्टम यूनिट  के अंदर स्थापित किया जाता है ।
  • वाह्य मॉडेम ( External  Modem ) : इसे सिस्टम यूनिट के बाहर रखा जाता है ।

Conclusion Of Networking Devices In Hindi

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Networking Devices In Hindi  और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं