जाने वॉटरफॉल मॉडल क्या हैं हिंदी में – Waterfall Model in Hindi

Waterfall Model in Hindi

Waterfall Model In Hindi यदि आप वॉटरफॉल मॉडल के बारे में जानना चाहते है तो पढ़ सकते हैं Waterfall Model In Software Engineering in Hindi


हेल्लो Engineers कैसे हो उम्मीद हैं पढाई भी मस्त होगी , तो आज जो शेयर हूँ वो Waterfall Model के बारे में हैं यदि आप जानना चाहते हैं की वॉटरफॉल मॉडल क्या तो आप इस पोस्ट को पुरा पढ़ सकते हैं

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Waterfall Model in Hindi

Waterfall Model एक linear sequential model हैं | यह software development life cycle ( SDLC  )के अंतर्गत आता  हैं |

यह workflow  झरने  के सामान हैं , जिस प्रकार झरने से पानी ऊपर से निचे आता है और वापस ऊपर नहीं जाता ठीक उसी प्रकार Waterfall Model का workflow है |

Waterfall Model में एक phase  , software development के लिए एक  process हैं , हम दूसरे phase पर तभी आ सकते हैं जब तक की हमारा पहला फेज complete नहीं हो जाता  जैसे की हमारे software development life cycle में 5  phases हैं , तो हम 3 (तीसरे)  phase में तभी आ सकते हैं जब हमारा 1 और 2 (पहला और दूसरा ) phase complete हो जाये |

Phase Of Waterfall Model :-

 Fig. Of Phase Of Waterfall Model 

 

1 ) Requirement Phase  :-  जो भी संभावित आवश्यकताएं है  उन्हें इस phase  में collect कर लिया जाता हैं तथा इस फेज में सिस्टम की requirements को भी एकत्रित किया जाता हैं तथा  इन सभी आवश्यकताएं को Document किया जाता हैं   |

2  )Design Phase :- इस phase  में पहले phase  से आवश्यक specification  का अध्ययन किया जाता है और system design तैयार किया जाता है। यह सिस्टम डिज़ाइन Hardware और  System  आवश्यकताओं को Specify  करने में मदद करता है और Overall system Architecture को Define  करने में मदद करता है।

3)Implementation Phase :- सिस्टम डिज़ाइन से इनपुट के साथ, सिस्टम को पहले छोटे छोटे programs  में Develop  किया जाता है जिन्हें Unit  कहा जाता है, जो अगले Phase  में integrate होते हैं। प्रत्येक unit  को उसकी Functionality (कार्यक्षमता) के लिए विकसित और ट्Test किया जाता है, जिसे Unit Testing (इकाई परीक्षण) कहा जाता है।

Implementation Phase में Develops  सभी Units  , प्रत्येक unit  के परीक्षण के बाद एक System में Integrate  हो जाती हैं। किसी भी Fault  और Failure के लिए पूरे Integration  के बाद Testing  किया जाता है।

4)Verification Phase :- इस Phase  में Software  को verify किया जाता है और यह Check  किया जाता है कि हमे हमारा expected output मिला हैं या नहीं | इस फेज में विभिन्न प्रकार की टेस्टिंग की जाती है |

5 )Maintenance Phase :- यह Waterfall Model  का सबसे अंतिम phase है। जब सिस्टम बनके तैयार हो जाता है तथा यूजर उसका प्रयोग करना शुरू कर देते है तब जो problems उसमें आती है उनको time-to-time हल करना पड़ता है। तैयार सॉफ्टवेयर को समय अनुसार उसका ख्याल रखना तथा उसे maintain रखना ही maintenance कहलाता है। SDLC में तीन प्रकार के maintenance होते है:-
1. corrective maintenance
2. adaptive maintenance
3. perfective maintenance.

Advantage Of Waterfall Model :-

  • सरल और समझने में आसान और काफी ज्यादा उपयोग |
  • model  की rigidity  के कारण  requirement manage करना आसान है। प्रत्येक phase  में  एक review process होती है।
  • Phase  को processed किया जाता है और एक समय में पूरा किया जाता है।
  • Small Project के लिए अच्छी तरह से काम करता है जहां आवश्यकताओं को बहुत अच्छी तरह से समझा जाता है।
  • स्पष्ट रूप से इसके stages define हैं ।
  •  कार्यों की व्यवस्था करना आसान है।
  • प्रक्रिया और परिणाम अच्छी तरह से Documented  हैं।

निवेदन:- दोस्तों यही थे Waterfall Model in Hindi , क्या आपको समझ आया यदि आपको समझ आया होगा तो अपने दोस्तों को शेयर जरुर करे

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