Essay On Cricket In Hindi

Essay On Cricket In Hindi


Essay On Cricket In Hindi – हेल्लो दोस्तों कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Essay In Hindi में Cricket  के बारे में हैं तो यदि आप जानना चाहते हैं की ये  क्या हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं |

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Essay On Cricket In Hindi

यहाँ हम कक्षा 1 से लेकर 12 तक के छात्रों के लिए निबंध लेकर आए हैं। 150 शब्दों से लेकर 1000 शब्दों तक के निबंध की तैयारी आप कर सकते हैं।

Essay On cricket In Hindi

Essay on Cricket (600 words) || क्रिकेट पर निबंध ( 600 शब्द)

क्रिकेट सभी का बहुत पसंदीदा और प्रसिद्ध खेल है।इसे हर उम्र के लोग पसंद करते है और ये बहुत रोचक तथा संदेहास्पद खेल है।

बचपन से ही मैं खेल कूद का शोकिन रहा हूँ! क्रिकेट, कबड्डी आदि सभी खेलों में मुझे दिलचस्पी है, किन्तु मुझे क्रिकेट अधिक प्रिय है! आज सारा विश्व क्रिकेट को ‘खेलों का राजा’ मानता है!

क्रिकेट ने लोगो के दिलों को जीत लिया है! क्रिकेट मैच का नाम सुनते ही लोग उसे देखने के लिए अधीर हो उठते है!

जो लोग मैच देखने नहीं जा सकते, वे टी.वी. पर उसे देखना या रेडियो पर उसकी कमेंटरी सुनना नहीं चूकते! अखबारों के पन्ने क्रिकेट के समाचारो से भरे होते है! सचमुच क्रिकेट एक अनोखा खेल है!

हम सभी क्रिकेट खेलना बहुत पसंद करते है और रोज शाम में छोटे से खेल के मैदान में इसे खेलते है।

 

Essay On cricket In Hindi

इसकी जीत के कोई सटीक भविष्यवाणी नहीं हो पाती है कि ये  टीम जीत जाएगी या वो टीम जीत जायेगी । अंतिम समय में कोई भी टीम जीत सकती है जो सभी का उत्साह बढ़ाती है।

क्रिकेट को आउटडोर खेलों की श्रेणी में रखा जाता है। यह विश्व के कुछ ही देशों में खेला जाता है, परंतु इसे देखने और पसंद करने वाले बहुत से देश हैं।

युवावर्ग इस खेल को पागलपन की हद तक पसंद करता है। जब यह खेल विश्व के दो देशों के | बीच खेला जाता है तो स्टेडियम में मैच न देख पाने वाले लोग टेलीविजन और रेडियो से चिपके होते हैं।

 

लोगों की अपनी पसंदीदा टीम होती है जिसे वो जीतते देखना चाहते है और लोग मैच तब तक देखते है जब तक कि खेल खत्म न हो जाए और उन्हें कोई परिणाम प्राप्त न हो हो जाए।

क्रिकेट देखने के लिये क्रिकेट प्रेमियों की टीवी के कमरे और क्रिकेट मैदान में एक बड़ी भीड़ होती है जब भी कोई टेस्ट मैच या राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट होता है।

 

क्रिकेट एक बड़े-से मैदान में खेला जाता है। मैदान के बीचोबीच बाईस गज लंबी पिच होती है। इसके निर्धारण के लिए दोनों किनारों पर तीन तीन विकेट खड़े किए जाते हैं। यह दो टीमों के बीच खेला जाता है।

प्रत्येक टीम में ग्यारह-ग्यारह खिलाड़ी होते हैं। इस खेल में निर्णय देने के लिए दो अंपायर भी होते हैं। मैदान के बाहर एक तीसरा अंपायर होता है जो टीवी पर रिप्ले देखकर जटिल मामलों में फैसले देता है।

 

एक टीम के खिलाड़ी मैदान में फैलकर गेंद को बाहर जाने से रोकते हैं और दूसरी टीम के दो खिलाड़ी बल्लेबाजी करते हैं।

टॉस के बाद एक टीम पहले गेंदबाजी करती है और दूसरी टीम बल्लेबाजी करती है तथा एक पारी खत्म होने के बाद गेंदबाजी वाली टीम बल्लेबाजी टीम द्वारा दिये गये रनों का पीछा करती है।

Essay On Cricket In Hindi

हार और जीत इस खेल के दो पहलू है जो इस खेल को रोमांचक और संदेहास्पद बना देती है। ये खेल और शानदार तब बन जाता है जब क्रिकेट प्रेमी अपने पसंदीदा बल्लेबाज के चौके-छक्के पर पूरे स्टेडियम को गूँजायमान कर देते है।

क्रिकेट में हार-जीत का फैसला बनाए गए रनों के आधार पर होता है। बल्लेबाज द्वारा गेंद को हिट करने पर यदि वह निर्धारित सीमा रेखा छू जाती है तो चार रन और उसके ऊपर से होकर सीमा रेखा से बाहर गिरने पर छह रन माने जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को आजकल तीन प्रारूपों में खेला जाता है-टेस्ट मैच, यह पाँच दिनों तक खेला जाता है। प्रत्येक दिन 90 ओवर अर्थात् 540 गेंदें फेंकनी होती हैं। इसमें हार-जीत का फैसला कम हो पाता है।

अतः आजकल इसकी लोकप्रियता घटती जा रही है। इसका दूसरा प्रारूप एक दिवसीय मैच है, जिसमें प्रत्येक टीम पचास-पचास ओवर खेलती है। इसमें हार-जीत का फैसला हो जाता है जो बहुत ही लोकप्रिय है।

इसका तीसरा प्रारूप टी-20 नाम से प्रसिद्ध है। इसमें प्रत्येक टीम 20-20 ओवर खेलती है। आजकल यह बहुत ही लोकप्रिय है। इसे फटाफट क्रिकेट भी कहा जाता है।

भारत में खेले जाने वाला आई.पी. एल., जिसमें विश्व के प्रमुख देशों के मुख्य खिलाड़ी खेलते हैं, दुनियाभर में बहुत ही लोकप्रिय हो रहा है।

अब तक आई.पी.एल. का 6 बार सफल आयोजन किया जा चुका है। सचिन तेंदुलकर, महेंद्रसिंह धोनी, वीरेंदर सहवाग, जहीर खान, सुरेश रैना आदि प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं।


Conclusion (उपसंहार)

भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी चुनौती है और जब तक आम आदमी एक साथ मिलकर इसके खिलाफ खड़ा नहीं होगा तब तक हम इस से नहीं लड़ सकते। हम सभी को एक नागरिक होने का फर्ज निभाना चाहिए क्यूंकी ये देश हमारा है और अगर हम चाहते हैं की हमारा देश विकास करे, आगे बढ़े तो आइये मिलकर एक साथ हम भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करें और कहें – भ्रष्टाचार हटाओ, देश बचाओ।

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