software quality assurance

Software Quality Assurance In Hindi
Software Quality Assurance In Hindi
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what is software quality assurance :

हम जो software बना रहे उस software के अंदर क्वालिटी है या नहीं , इसको सॉफ्टवेयर की quality क्वालिटी को assure करने की process को  software quality assurance (सॉफ्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस) कहते हैं |

where to use software quality assurance :

हम जो भी software बनाते है वो कई डेवलपमेंट process से होके जाता है , तो ये software quality assurance कौन से development phase (process) के अंदर आता है  ?

software quality assurance (सॉफ्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस)  किसी भी particular phases  पर नहीं check किया जाता हैं यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के साथ साथ ही चलता है | हर development process के बाद software quality assurance को  check किया जाता हैं |

अगर हम बिना software quality assurance के software  को develop कर रे है और हमारा software  पुरे तरह से बन कर तैयार हैं और हम end में उसे test करेंगे ,और टेस्ट के दौरान अगर कोई error generate होता हैं या कोई requirement की कमी होते हैं तो इस situation पे हमारा software पुरे तरीके से crash हो जायेगा | इसलिए हर development process के बाद software quality assurance को  check करना चाहिए  |

why organisation ignore it :

1) software quality assurance को check करने में ज्यादा time लगना :-  कुछ companies  में software quality assurance को            check नहीं किया जाता क्योकि इसको check करने में ज्यादा time लगता हैं |
2) software quality assurance को check करने में ज्यादा cost  लगना :-  software quality assurance को check करने में ज्यादे          developers की need होगी इसलिए company के ज्यादे पैसे भी खर्च होंगे |

how SQA is beneficial :

1) Save money :-  अगर हम low quality  का सॉफ्टवेयर बनाते हैं तो हमें उसके maintenance  में बार-बार पैसे खर्च करने पड़ते हैं अगर  एक ही बार अच्छी quality का सॉफ्टवेयर तैयार कर देते हैं तो हमे customer से भी अच्छा review मिलता हैं और हमें उस सॉफ्टवेयर पर ज्यादा पैसे भी बार बार खर्च नहीं करना पड़ता है |

2)High quality application :- अगर हम software quality assurance को साथ लेकर आगे के development phase  पे चलेंगे तो customer को high quality  का software  बनकर ready मिलेगा |

3)save time and cost :-  High quality का application (एप्लीकेशन) time  और money  दोनों को बचाता है |

4)Ease-of-use:-सॉफ्टवेयर को आसानी से चलाया जा सके अर्थात् सॉफ्टवेयर का user interface  बेहतर होना चाहिए।

5)Design:-सॉफ्टवेयर का डिज़ाइन अच्छा होना चाहिए क्योंकि यूज़र software  के प्रति तभी आकर्षित होगा जब उसका design बेहतर होगा।

6)Speed:-सॉफ्टवेयर को time  गवांये अपनी सर्विस provide करनी चाहिए अर्थात् इसकी speed  तेज होनी चाहिए।

7)Security:-सॉफ्टवेयर secure होना चाहिए अर्थात् सॉफ्टवेयर में उपस्थित डेटा को कौन-कौन देख तथा process कर सकता है? अगर कोई internet पर आधारित सॉफ्टवेयर है तो उसमें encryption तथा decryption होना चाहिए।

8)Error-free:-सॉफ्टवेयर error से मुक्त होना चाहिए क्योंकि अगर सॉफ्टवेयर में errors होंगे तो सॉफ्टवेयर की reliability तथा security कम हो जायेगी जिससे सॉफ्टवेयर fail हो जायेगा।

9)Portable:-सॉफ्टवेयर portable होना चाहिए अर्थात् सॉफ्टवेयर दूसरे environment पर भी आसानी से run होना चाहिए।

10)Testability:-Testability का अर्थ है कि सॉफ्टवेयर को आसानी से टेस्ट किया जा सकें।

11)Maintainability:-इसका अर्थ है कि अगर हमें सॉफ्टवेयर में कोई बदलाव करने हो तो हमें उसे आसानी से कर सकें।

12)Readability:-सॉफ्टवेयर का source-कोड readable होना चाहिए अर्थात् जिसको आसानी से read  किया जा सकें।

13)Reliability:-सॉफ्टवेयर reliable होना चाहिए अर्थात् जो सॉफ्टवेयर है वह अपनी performance पर स्थिर होना चाहिए।

14)Functionality:- Functionality अर्थात् जो सॉफ्टवेयर है उसमें user  के जरूरत के आधार पर functions होने चाहिए जिससे यूजर को उसमें कार्य करने में आसानी हो।

 

 

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