SOFTWARE PROJECT MANAGEMENT

SOFTWARE PROJECT MANAGEMENT

जो भी project develop हो रा है या बन रा है , उस project की management को ही हम software project management कहते है |

किसे भी IT company में job pattern को software project management में दो भागों में बाटा गया है |

1) software creation – जो भी सॉफ्टवेयर डेवेलोप हो रा है या बन रा है , इसी बनने के process को हम software creation कहते है |
2 )software project management – जो भी project develop हो रा है , उसके management को ही हम software project management कहेंगे |

PROJECT कुछ SEGMENTS में characterized as :-

1) हर एक प्रोजेक्ट का अपना unique goal होता है | सभी project अपने अपने point ऑफ़ view से design किये जाते हैं |
2) एक project का जो भी programmer होगा वो सिर्फ creation वाले part तक ही operation perform करेगा ,वो day to day operation नहीं करेगा |
3) हर एक project के बनने का एक fix start time होगा और एक fix end time .
4) जब भी software project complete हो जायेगा तो वो प्रोजेक्ट किसी organization का temporary phase हो जायेगा |
5) किसे भी project को बनाने के लिए कुछ जरूरी resources होने चाहिए जैसे time, manpower, financial, material और knowledge bank .

SOFTWARE PROJECT

software project एक complete procedure है software development का जिसमें कोई programmer किसे customer के view से किसी information को लेने के बाद एक particular time पे किसी सॉफ्टवेयर को design करता है |

SOFTWARE PROJECT MANAGEMENT

Software को एक अमूर्त product कहा जाता है। Software development विश्व व्यापार में सभी नई धाराओं का
एक प्रकार है और लोगों को Software उत्पादों के निर्माण में बहुत कम अनुभव है।

अधिकांश Software development CUSTOMER की आवश्यकताओं के अनुरूप बने होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि
तकनीक में परिवर्तन होता है और तकनीक तेजी से बढ़ता है कि एक उत्पाद का अनुभव दूसरे उत्पादों पर लागू नहीं किया जा
सकता है।

ऐसे सभी business और (पर्यावरणीय बाधाएं) Software development में जोखिम लाती हैं इसलिए Software Project
को कुशलता से प्रबंधित करना आवश्यक है।

उपरोक्त figure SOFTWARE PROJECT के लिए ट्रिपल बाधाओं को दिखाती है। Quality product को delivered करने
के लिए यह software organization का एक अनिवार्य हिस्सा है | software organization ग्राहक को बजट के
भीतर एक particular time पे अपने customer को उसके लागत के हिसाब से software प्रदान कराता है |

इसलिए, बजट और समय की बाधाओं के साथ उपयोगकर्ता आवश्यकताओं को शामिल करने के लिए SOFTWARE PROJECT
MANAGEMENT आवश्यक है।

* सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में तीन constraints होते है जो एक दूसरे पर depend करते है |
TIME, COST AND QUALITY
ऊपर दिखाए गए चित्र में software organization के तीन essential part है time , cost और quality जो
किसे सॉफ्टवेयर के develop या scope को दर्शाता है |
अगर हम टाइम को consider करे तो वो कॉस्ट और quality पर भी effect लाएगा | जैसे अगर हमको
कॉस्ट ज्यादा मिलेगा तो software जल्दी और quality वाला बनेगा | अगर time ज्यादा है मतलब उस सॉफ्टवेयर
का quality और cost दोनों कम होगा |

SOFTWARE PROJECT MANAGER

एक सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट मैनेजर एक ऐसा व्यक्ति है जो सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट को execute करने की ज़िम्मेदारी लेता है।
SOFTWARE PROJECT MANAGER SDLC के सभी चरणों के बारे में पूरी तरह से अवगत है कि सॉफ्टवेयर के माध्यम
से जाना होगा। प्रोजेक्ट मैनेजर कभी भी अंतिम उत्पाद का उत्पादन करने में सीधे शामिल नहीं हो सकता है लेकिन
वह उत्पादन में शामिल गतिविधियों को नियंत्रित और प्रबंधित करता है।

एक PROJECT MANAGER विकास प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करता है, विभिन्न योजनाओं को तैयार करता है और
निष्पादित करता है, आवश्यक और पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था करता है, लागत, बजट, संसाधन, समय, गुणवत्ता
और ग्राहक संतुष्टि के मुद्दों को हल करने के लिए सभी टीम सदस्यों के बीच संचार बनाए रखता है।

ROLE OF PROJECT MANAGER

Managing People

  • Act as project leader
  • Liaison with stakeholders
  • Managing human resources
  • Setting up reporting hierarchy etc.

Managing Project

  • Defining and setting up project scope
  • Managing project management activities
  • Monitoring progress and performance
  • Risk analysis at every phase
  • Take necessary step to avoid or come out of problems
  • Act as project spokesperson

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