Network Devices in Computer Network In Hindi – जाने network devices के बारें में

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नेटवर्क डिवाइसेज(network device) :- एक नेटवर्क डिवाइस नेटवर्क का एक individual component है जो एक या अधिक Protocol layer में भाग लेता है। ये network devices दो या दो से अधिक network को जोड़ने के काम आता है, ताकि वो अपना data और information share कर सकें|

Network Devices in Computer Network In Hindi

Networking devices or network devices are hardware devices by which two or more computers are connected to form a network, so that those computers can communicate among themselves, and share data and resources among themselves.

Simply say, the devices with the help of which many computers are connected together are called networking devices.

रिपीटर(repeater) ,हब(hub) ,रूटर(Router), गेटवे (Gateway), ब्रिज(Bridge) ये सभी network devices के examples हैं |

जाने Computer Network सारे Topics के बारे में :- Computer network hindi notes

repeater in network devices in hindi

रिपीटर एवं इसके कार्य(Repeater and its functions in hindi)-

Repeater एक electronic device है जोकि OSI Model की physical layer पर operate होता है| इसमें signals network सहित information को data के किसी भी reason से क्षीण होने से पूर्व एक fixed distance तक travel करते हैं| repeater network कि केवल physical length को बढ़ाता है| repeater किसी भी प्रकार से network की functionality को convert नहीं करता है| बड़े network को में multiple cables को repeaters द्वारा connect किया जाता है| example के लिए, दो nodes के बीच जब एक repeater को connect करते हैं, तब एक node की information दूसरे node receive कर सकते हैं|

रिपीटर की उपयोगिता (Use of Repeater)-

एक repeater एक LAN(local area network) segment को दूसरे segment के साथ connect कर सकता है तथा इसके द्वारा media के different types को भी जोड़ा जा सकता है| repeater आवश्यक address को available कराने में important role निभाता है इसलिए यह अधिक useful है|

Network Devices in Computer Network In Hindi
Network Devices in Computer Network In Hindi

हब एवं इसके कार्य (Hub and its functions in hindi)-

Hub एक easiest network device है एक छोटे hub में cable सहित चार या पांच ports होते हैं, जो कि छोटे network जैसे- LAN-Network का निर्माण(construction) करते हैं, अधिक सामर्थ्य(high capacity) वाले network के लिए hub में बहुत अधिक ports होते हैं|

एक hub से दूसरे hub को जोड़कर बहुत बड़े network का construct किया जाता है| computer को hub से twisted pair cable connect किया जाता है|
जब device एक दूसरे से direct link नहीं होती है तब प्रत्येक डिवाइसdevice को point-to-point link करने के लिए central controller का use करते हैं ,जिसे hub कहते हैं central hub network के traffic को control करता है |star तथा tree topology मे hub का प्रयोग किया जाता है| tree topology मे device की majority को second hub से connect करके उसे central hub से connect करता है|

Tree topology का central hub active hub होता है | active hub में एक repeater होता है, जो कि एक hardware device है | यह रिसीव receive bit pattern को send करने से पहले regenerate करता है | tree topology में secondary hub active या passive hub होता है |passive hub जुड़ी हुई devices के बीच easiest physical connection provide करता है|

Hub एक wiring का concentrator होता है जो network cabling के लिए central junction point का work करता है|

Hub को निम्नलिखित 3 categories में divided किया गया है-

(a) Passive Hub- passive hub में कोई भी electronic Component नहीं होता है और ना ही यह data signal को किसी भी प्रकार से process करते हैं| passive hub का purpose अलग-अलग cable के द्वारा आने वाले signals को collect करना होता है| यह hub signals को clean नहीं करता है और ना ही बढ़ाता(amplify) है बल्कि signals का कुछ part कम कर देता है| इसलिए computer व hub के बीच की दूरी,network के दो computers के बीच की अधिकतम दूरी के आधे से अधिक नहीं होनी चाहिए|

(b) Active Hub- active hub मैं ऐसे electronic component होते हैं जो devices के बीच signal flow को clean(noise दूर करना) व amplify करते हैं|signals को clean करने की process को regeneration कहते हैं| signal regeneration के मुख्य लाभ निम्नलिखित है-

  • Network बहुत अधिक strong जाता है जिससे error में कमी होती|
  • Devices के बीच की distance बढ़ाई जा सकती है|

(c) Intelligent Hub- intelligent hub active hub से अधिक प्रभावित होता है| इसमें intelligence के लिए निम्नलिखित functions जोड़ें जाते हैं-

  • Hub Management – यह hub network management protocol को support करता है जिससे hub एक central device को packets भेजता है|यह protocol device को इस योग्य बनाते है कि वे hub को control करें| उदाहरण के लिए, network administrator hub को order करते हैं कि उस connection को बंद कर दिया जाए, जो error उत्पन्न करता है|
  • Switching hub श्रेणी(category) में सबसे अधिक developed switching hub है, जिसमें एक ऐसी सर्किट्री circuitry होती है जो hub के different ports के बीच signals को बहुत जल्दी भेजती है| इसमें packet को ,hub के सिर्फ उसी port के पास भेजा जाता है जिससे destination computer जुड़ा होता है और packet प्राप्त करना है|

हब की उपयोगिता(usefulness of hub in hindi)-

hub network की physical तथा logical topology के बीच structure wiring को पहचानने के लिए बहुत ही important role निभाते हैं तथा nodes के group के बीच signal को share करने में सहायता प्रदान करते है|

Bridge in networking in hindi

3.ब्रिज एवं इसके कार्य(Bridge and its functions in hindi)-

Bridge ,OSI model की दोनों layer physical और data link में operate होता है| Bridge एक बड़े network को छोटे-छोटे segments में divide कर सकता है|Bridge दो real LAN(local area network) के बीच frames को भी relay कर सकता है|

Bridge data link layer पर operate होता है और इससे connected सभी stations के physical address को access करता है| उदाहरण के लिए, जब Bridge में एक frame enter करती है तब Bridge signal को केवल पुनः (again) generate ही नहीं करता बल्कि destination के address को check भी करता है और address वाली new copy segment को forward कर देता है|Bridge को जैसे ही packet मिलता है वह frame में present address को read करता है और दोनों segments के सभी stations के table के साथ address को compare करता है और केवल उसके segment को packet role करता है|

ब्रिज की उपयोगिता(uses of the Bridge)-

Bridge traffic को reduce करके individual network की performance को improve करते हैं एवं इसके transparent होने के कारण frame को एक LAN से दूसरे LAN में आसानी से forward तथा topology में loop को prevent किया जा सकता है| यह transparence hardware ,software तथा switch की setting में परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध कराती है|

Network Devices in Computer Network In Hindi
Network Devices in Computer Network In Hindi

4.रूटर एवं इसके कार्य(Router and its functions in hindi)-

Router निद्रिष्ट (Inspected) work को easily execute करने वाली device है| यह network layer addresses को access करता है तथा इसमें address के बीच different path को find करने वाला software होता है, जो कि particular transmission के लिए सबसे अच्छा है| Router ,OSI model की physical ,data link और network से किसी भी number में potential destination network तक होता है|

Router network पर एक station के सामान होता है, परंतु इसके opposite अधिकांश station केवल एक network के member होते हैं| Router पर इनका address होता है और यह एक ही समय पर दो या दो से अधिक network को link करता है| Router एक connected network से packet को receive करके दूसरे connected network को pass कर देता है|

रूटर की उपयोगिता(uses of Router)-

Router higher layer protocol के साथ कार्य करके MAC environment के लिए connectivity provide करते हैं तथा एक ही समय पर दो या दो से अधिक networks को link करते हैं| इसका primary purpose network के मध्य packet को forward करना एवं एक network से दूसरे network के लिए path खोजना है|

Network Devices in Computer Network In Hindi
Network Devices in Computer Network In Hindi

5.गेटवे एवं इसके कार्य(Gateway and its functions in hindi)-

Gateway OSI model की सातों layer में potentially operate होता है| Gateway एक protocol converter है| Router स्वयं के द्वारा transfer होता है और समान protocols का use कर network पर packet को relay करता है, जबकि Gateway एक protocol , जैसे- AppleTalk के लिए fermented packet को accept कर , forward करने से पूर्व इसे किसी दूसरे protocol , जैसे-TCP/IP के लिए convert कर देता है|

Gateway बहुत अधिक complex interconnection device है| यह different प्रकार के communication मे से एक हैं | server केवल different प्रकार के LAN’s को interconnect ही नहीं करता, बल्कि इसका उपयोग centralize “HOST” computer system या completely different communication architecture का प्रयोग कर LAN’s को network से connect करने में भी किया जाता है |

Gateway एक protocol का दूसरे protocol में completely conversion display करता है| उदाहरण के लिए TCP/IP packet को Netware IPX packet में Gateway convert करता है, जैसे-SNA to AppleTalk से AppleTalk to DECnet आदि|

गेटवे की उपयोगिता(uses of Gateway)-

Gateway ,protocol incompatibility के साथ जूड़ी problems को दूर करते हैं| Gateway stand alone devices के रूप में तथा server network station function के रूप में work करते हैं| Gateway simple और flexible होने के कारण अत्यधिक महत्वपूर्ण एवं useful होते है|

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