Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi

Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi


Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi–  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Entrepreneurship  के Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi के बारे में हैं

तो यदि आप जानना चाहते हैं की Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi  क्या हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं |


Difference Between Partnership And Limited Company In Hindi

Private और Public Company में अंतर निम्नलिखित हैं :-

 

S.N

Partnership

Limited Company

1 साझेदारी दो या दो से अधिक व्यक्तियों  के बीच हो सकती है ।इनमें कम से कम 7 सदस्य होने चाहिये तथा अधिकतम संख्या अधिकृत अंशों की संख्या से अधिक नहीं हो सकती ।
2फर्म का एक निश्चित नाम होता है ।कम्पनी के नाम के आगे लिमिटेड शब्द लगाया जाता है ।
3साझेदारी में हित हस्तांतरण पर रोक रहती है ।इसके अंशों का हस्तांतरण स्वतंत्रता पूर्वक किया जा सकता है ।
4साझेदारी में अभिकर्ताओं की नियुक्ति की जा सकती है ।सार्वजनिक कम्पनी में अभिकर्ताओं  की नियुक्ति प्रतिबंधित होती है ।
5 साझेदारों के मध्य वैध अनुबंध होने पर ही व्यवसाय आरम्भ किया जा सकता है ।कम्पनी तब तक व्यापार प्रारम्भ नहीं  कर सकती जब तक कि व्यापार  प्रारम्भ करने का प्रमाण – पत्र न मिल जाये ।
6 साझेदार फर्मे प्रायः निजी ही होती हैं | लिमिटेड कम्पनी निजी कम्पनी नहीं होती ।
7 संचालकों की संख्या निश्चित नहीं होती ।इनमें कम से कम तीन संचालकों  का होना अनिवार्य होता है ।
8साझेदारी की वैधानिक सभा बुलाने का कोई प्रावधान नहीं होता ।समय – समय पर वैधानिक सभा बुलाकर उनकी तत्सम्बंधी रिपोर्ट रजिस्ट्रार को भेजना आवश्यक होता
9व्यवसाय के लाभ को परस्पर बाँट लिया जाता है । इसमें ऐसा नहीं होता ।

 


Final Word

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Difference Between Partnership And Limited Company In Hindiऔर आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं|

4 Trackbacks / Pingbacks

  1. Industrial center In Hindi
  2. जाने क्या हैं Institutional Setup हिंदी में और उसकी जरुरत क्यों हैं
  3. जाने क्या है Institutional Support System for Entrepreneurs
  4. Rules For The Welfare And Safety Of Employees By The Government In Hindi - CSEstudies

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*