Cooperative Form of Business In Hindi

Cooperative Form of Business In Entrepreneurship


Cooperative Society  In Hindi  हेल्लो Engineers कैसे हो , उम्मीद है आप ठीक होगे और पढाई तो चंगा होगा आज जो शेयर करने वाले वो Entrepreneurship  के Cooperative Society   के बारे में हैं

तो यदि आप जानना चाहते हैं की Cooperative Society  In Hindi क्या हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ सकते हैं , और अगर समझ आ जाये तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं |


Cooperative Society In Entrepreneurship

Business organization  का मूल उद्देश्य लाभ कमाना होता है चाहे वह रूप Self organization हो , चाहे वह Partnership organization परन्तु organization का एक नया  और अनूठा रूप  भी होता है जिसका उद्देश्य लाभ कमाना ना होकर अपने सदस्यों की सहायता करना है इस स्वरूप को Cooperative Society के नाम से जाना जाता है |

Meaning of co-operative society (सहकारी समिति का अर्थ)

Cooperative Society वास्तव में ऐसे व्यक्तियों का Group रहता है जो अपने समान economic interests  (आर्थिक हितों) की सुरक्षा के लिए voluntariness (स्वेच्छा)  के साथ मिलते हैं| दूसरे शब्दों में हम यह भी कह सकते हैं कि यह समाज के ऐसे weak People (निर्बल लोगों) का Group  है  जो यह अनुभव करते हैं कि वह समाज के Powerful traders (शक्तिशाली व्यापारियों) द्वारा किए जाने वाले शोषण से अपनी रक्षा नहीं कर पाएंगे Cooperative Society  वस्तुओं का उत्पादन भी करती है , लेकिन लाभ कमाने के लिए नहीं बल्कि इसलिए ताकि उन्हें उनके सदस्यों को आवश्यकता का सामान सस्ती दरों पर मिल सके |

Definition Of Cooperative Society 

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार सहकारी समिति उन व्यक्तियों का एक संगठन है जिनके Resources  सीमित होते हैं | और जो लोकतंत्रात्मक ढंग से business of controlled  organization (नियंत्रित व्यवसाइक संगठन)  की स्थापना करके समान economic goals (आर्थिक लक्ष्य) की उपलब्धि के लिए स्वेच्छा से एकत्रित होते हैं , आवश्यक पूंजी परस्पर उचित अनुपात में जुटाते हैं | व्यवसाय में निहित जोखिम व उससे प्राप्त लाभ को परस्पर ऊंची अनुपात में बाटने के लिए सहमत होते हैं|

Characteristics of Co-operative Society (सहकारी समिति की विशेषताएं)

इसकी विशेस्ताएं निम्नलिखित है :-

1)Voluntary Organization ( स्वैच्छिक संगठन)

स्वैच्छिक संगठन की तरह अच्छी संगठन है अर्थात इसका सदस्य बनना और सदस्यता छोड़ना पूरी तरह व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता है कि कभी भी सदस्यता जाकर अपनी पूंजी वापस ले सकता है |

 2)Equality of franchise (मताधिकार की समानता)

सहकारी समिति में प्रत्येक सदस्य को सामान मताधिकार मिलता है एक सदस्य को एक ही मत देने का अधिकार होता है धनी और निर्धन का इसमें कोई अंतर नहीं होता है |

 3)Management of democratic(लोकतांत्रिक व्यवस्था)

सहकारी समिति का प्रबंधन लोकतांत्रिक आधार पर किया जाता है अर्थात समिति के सदस्य अपने में से ही किसी एक Executive committee (प्रबंधकारिणी समिति) का चुनाव करते हैं जो सभी नीतिगत निर्णय करती है | इसका चुनाव Fixed Period (निर्धारित अवधि) में होता रहता है |

4)Service price (सेवा भाव)

व्यवसाईक संगठन के अन्य स्वरूपों की तुलना में सहकारी समिति में सेवा भाव को अधिक प्रधानता दी जाती है | इसका प्रमुख उपदेष लाभ कमाना न होकर अपने सदस्यों को उच्चतम लाभ पहुंचाना होता है |

5)Profit sharing (लाभ का बंटवारा)

लाभ का बंटवारा वर्ष के अंत में Cooperative Society ने  जो लाभ होता है,  लाभ का विभाजन सभी सदस्यों में कर दिया जाता है , लाभांश के विभाजन का आधार समिति सदस्यों द्वारा किया गया योगदान होता है |

6)Cash trade (नगद व्यापर)

Cooperative Society  में व्यापार मुख्य: नगद ही होता है अर्थात यह वस्तुओं का विक्रय नगद धनराशि लेकर ही करती है |

7)Mutual Aid (परस्पर सहायता)

8)Cooperative Society  की प्रमुख विशेषता है एक – दूसरे की सहायता करना काम करने से समिति के सदस्य एक दूसरे की सहायता द्वारा अंततः अपनी स्वयं की सहायता करने में सफल रहते हैं |

9)Protect from brokers ( दलालों से बचाओ )

Cooperative Society में दलालों के लिए कोई स्थान नहीं होता है इसमें व्यक्ति अपने कार्य स्वयं कर सकते हैं | नीति निर्धारण से लेकर उसके विक्रांत बयान कार सदस्यों द्वारा स्वयं ही किया जाता है | अंततः दलालों  की कोई भूमिका इसमें नहीं होती है |

10)Fixed return on capital (कुंजी पर निश्चित प्रतिफल)

Cooperative Society  में प्रत्येक सदस्य की पूंजी अंशदान के रूप में लगी होती है और उसे वर्ष के अंत में इस पूंजी का निश्चित प्रतिफल प्राप्त होता है |

11)Self-government (स्वशासन )

Cooperative Society स्वशासी होता है , इनका कोई प्रशासन शासकीय संस्था नहीं करती बल्कि ये स्वयं अपना विधान बनाती है , उसमें संशोधन करती है तथा स्वयं द्वारा निर्वाचित प्रबंधकारिडी  समिति के माध्यम से अपना प्रशासन चलाती है |


Final Word

दोस्तों इस पोस्ट को पूरा पढने के बाद आप तो ये समझ गये होंगे की Cooperative Society In Hindi  और आपको जरुर पसंद आई होगी , मैं हमेशा यही कोशिस करता हु की आपको सरल भासा में समझा सकू , शायद आप इसे समझ गये होंगे इस पोस्ट में मैंने सभी Topics को Cover किया हूँ ताकि आपको किसी और पोस्ट को पढने की जरूरत ना हो , यदि इस पोस्ट से आपकी हेल्प हुई होगी तो अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं|

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